भक्तों के चमत्कारिक अनुभव

गुरू महाराज जी के आशीर्वाद संबंधी अनुभव

संत शिरोमणि श्री गुरू महाराज के आशीर्वाद और कृपया, मैं अपने गुरूजी महाराज का आभारी हूं जिन्होंने मुझे अपने परम प्रिय श्री गुरू महाराज जी के बारे में कुछ यादगार क्षणों को लिखने का अवसर प्रदान किया।

मैं लागोस, नाईजीरिया में रहा करता था और श्री गुरू महाराज द्वारा किए गए अनेक चमत्कारों के बारे में सुना करता था, लेकिन 1995 तक इन सभी बातों के साथ मैं नहीं जुड़ पाया था। इसी वर्ष मेरी शादी हुई थी, तथा मेरी पत्नी शीना तथा मैं पहली बार फरीदाबाद में आश्रम में गए थे ।

पहली बार आश्रम में पहुंचने के बाद पहली ही बार में श्री गुरू महाराज के दर्शन प्राप्त करना मेरे लिए महान सौभाग्य की बात थी। गद्दी पर हमसे मिलने के बाद, गुरू महाराज हमें श्री देव दरबार में लेकर गए तथा अनेक मंत्रों का उन्होंने वहां पर पढ़ा, तथा उन्होंने हमें एक दूसरे को मालाएं पहनाने के लिए दीं तथा फिर से हमें एक अद्वितीय तथा पवित्र रूप में आशीर्वाद दिया, और यही मेरी पत्नी की हमेशा से कामना रही थी।

हमारे जीवन में किसी अन्य का नहीं अपितु स्वयं उस परमपिता परमात्मा के ही स्पर्श की हमें अनुभूति हुई थी, लेकिन चूंकि हम अज्ञानी मनुष्य हैं, इसलिए इस बात नहीं समझ पाए थे।

मैं फिर से दिसम्बर, 1995 में आश्रम गया। इस समय शीना गर्भवती थी, मैंने श्री गुरू महाराज से गद्दी पर मुलाकात की तथा कुछ भी कहे बिना गुरू जी ने मुझ से कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, तथा उन्होंने बताया की उन्हें पता है कि मैं क्यों यहां आया हूं, उन्होंने मुझे बताया की शिशु एक गलत स्थिति में है। गुरू महाराज जी ने तब मुझे बताया कि उन्होंने अपने डाक्टरों को भेजा है तथा अब शिशु सही स्थिति में आ गया है तथा अब किसी प्रकार की कोई चिंता की बात नहीं है।

अगली बार शीना जब अपनी जांच कराने के लिए गई, तो यहां तक कि डाक्टर भी हैरान थे कि शिशु अपनी सही स्थिति में था, और वे इस बात पर विश्वास नहीं कर पाए कि यह किस प्रकार से हुआ है। श्री गुरू महाराज जी की कृपा से हमारे यहां एक स्वस्थ पुत्र का जन्म हुआ।

दिसम्बर, 1996 में, मैं पूरे परिवार के साथ आश्रम में श्री गुरू महाराज से मिलने के लिए पहुंचा तथा उनका ईश्वरीय आशीर्वाद प्राप्त किया, हमने गुरू महाराज से गद्दी पर मुलाकात की तथा उन्होंने मुझे बताया कि मुझे व्यापार में घाटा हो रहा है। इसके बाद गुरू महाराज जी ने मुझे आशीर्वाद दिया कि अगले 6 महीनों के भीतर मैं अपना सारा घाटा दूर कर लूंगा तथा लाभ कमाना शुरू कर दूंगा तथा बिलकुल ऐसा ही हुआ। उस दिन के बाद से, श्री गुरू महाराज जी की कृपा से मैं अपने जीवन में आगे ही बढ़ रहा हूं।

1999 में जब मैं गुरू महाराज जी से मिला, तो मुझे बहुत ही महान आशीर्वाद प्राप्त हुआ, गुरू महाराज जी ने मुझे बताया कि जीवन में मैं कहीं भी क्यों न होऊं या मेरी कोई भी समस्या क्यों न हो, मुझे केवल उनको प्रार्थना करनी होगी तथा मेरी हर समस्या दूर हो जाएगी और मैं ऐसा ही करता आ रहा हूं तथा तब से लेकर अभी तक श्री गुरू महाराज मेरी सहायता करते आ रहे हैं।

मैं अपने आप को बहुत भाग्यवान समझता हूं जिसने वर्ष 2001 में श्री गुरू महाराज जी से नामदान प्राप्त किया। हम पूर्णतया सुनिश्चित नहीं थे कि हमें नामदान मिल जाएगा क्योंकि हमारे प्रिय गुरू महाराज जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं थी, लेकिन उनकी कृपा का ही चमत्कार है, स्वयं बीमार होने पर भी उन्होंने हमें नामदान दिया। इससे मेरे जीवन में सर्वश्रेष्ठ रूप से परिवर्तन हुआ।

एक सच्चे गुरू के अलावा कौन ऐसा है जो सिर्फ देता है, देता है और देता है तथा बदले में केवल इतना ही मांगता है कि हमें अपनी खराब आदतों को छोड़ देना चाहिए।

श्री गुरू महाराज जी से मिलने से पहले, मेरे सोचने का तरीका और जीवन के प्रति सोच तथा हर चीज एक अलग थी, लेकिन उनसे मिलने के बाद तथा उनका सत्संग सुनने के बाद और साथ ही उनके साथ बातचीत के बाद, मैंने यह अनुभव किया कि मैं कितना गलत था, मैं श्री गुरू महाराज को अपने पूरे जीवन को बदलने के लिए तथा मुझे एक अच्छा इंसान बनाने के लिए धन्यवाद करता हूं।

मैं अपने प्रिय श्री गुरूदेव महाराज जी की चरण बन्दना करता हूं जो कि हमारे ह्दय में निवास करते हैं तथा हर रोज, दिन प्रति दिन हमारे जीवन का मार्ग निर्देशन करते हैं, जो कि अन्यथा उनकी प्यार और ईश्वरीय कृपा के अर्थहीन होता।



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