रामनवमी
28-03-2015

शनिवार को रामनवमी के अवसर पर श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम में श्रीराम जन्मोत्सव जोरदार ढंग से मनाया गया। इस अवसर पर भगवान श्री राम के उत्सव विग्रहों का अभिषेक करने के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।

दिव्यधाम के अधिपति श्रीमद जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य महाराज ने मंदिर में स्थित श्रीराम व परिजनों के उत्सव विग्रहों का सविधि अभिषेक व पूजन करने के बाद भक्तों को प्रवचन कहे। उन्होंने कहा कि प्रभु राम समस्त मानव जाति के लिए आदर्श चरित्र हैं। परमात्मा ने अपने इस रूप में मानव को मानवता के साथ जीना सिखाया। मानवता को अपनाना ही मानव का रामनवमी मनाने का ध्येय होना चाहिए।

उन्होंने बताया कि इस बार की रामनवमी पर राम जन्मोत्सव के सभी ग्रहों का संयोग बना है जिससे यह विशेष तिथि है। उन्होंने बताया कि राम का जन्म चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि व पुनवर्सु नक्षत्र में हुआ था। शनिवार को सुबह 7.19 बजे से पुनवर्सु नक्षत्र प्रारंभ हुआ जिसे अति शुभ माना जाता है। मंदिर में सुबह से ही भक्त कतारबद्ध खड़े थे। सबके भीतर श्रद्धा और भक्ति ऐसी कि पहले भगवान के दर्शन करने के लिए होड लगी थी। बीच-बीच में गूंजते रामभक्तों के जयकारे जय श्रीराम, जय श्रीराम, माता रानी की जय आदि दिव्यधाम को और दिव्य बना रहे थे। यहां महराज ने हजारों की संख्या में जुटे भक्तों को आशीर्वाद एवं प्रसाद प्रदान किया।



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